ऋषिकेश में चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां करीब दो दर्जन कर्मचारी महीनों से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने संबंधित कंपनी पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं और जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
2 से 5 महीने तक रुकी तनख्वाह
जानकारी के अनुसार, ट्रांजिट कैंप कार्यालय में तैनात:
- सिक्योरिटी गार्ड
- सफाई कर्मचारी
- इलेक्ट्रीशियन
- रिसेप्शनिस्ट
जैसे पदों पर कार्यरत करीब 20–25 कर्मचारियों को पिछले 2 से 5 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इससे उनके सामने रोजमर्रा के खर्च और परिवार चलाने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
पीएफ कट रहा, जमा नहीं होने का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी उनकी सैलरी से पीएफ (Provident Fund) काट रही है, लेकिन उसे संबंधित फंड में जमा नहीं कर रही। इस मामले की शिकायत श्रम विभाग समेत कई अधिकारियों से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
अधिकारियों से की शिकायत
समस्या का समाधान न होने पर कर्मचारियों ने ट्रांजिट कैंप कार्यालय में बैठक के लिए पहुंचे विकास अधिकारी से अपनी परेशानी साझा की और जल्द कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
चारधाम यात्रा से पहले आंदोलन की चेतावनी
चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय पर वेतन नहीं मिला, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इससे यात्रा व्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
कर्मचारियों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप कर उनकी समस्या का समाधान करेगा, ताकि उन्हें समय पर वेतन मिल सके और वे बिना किसी तनाव के अपनी ड्यूटी निभा सकें।


