Wednesday, October 21, 2026
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नरेंद्रनगर ब्लॉक शिक्षा विभाग में अव्यवस्था उजागर, एक अधिकारी के भरोसे चल रहा पूरा सिस्टम

संवाददाता: वाचस्पति रयाल

उत्तराखंड के नरेंद्रनगर विकासखंड में शिक्षा विभाग की बदहाल स्थिति सामने आई है। यहां पूरे ब्लॉक का शिक्षा तंत्र महज एक अधिकारी के भरोसे चल रहा है, जिससे न केवल प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है बल्कि बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है।

शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की नींव माना जाता है, लेकिन जब शिक्षक और शिक्षा व्यवस्था ही समस्याओं से जूझ रही हो, तो नौनिहालों का भविष्य भी अधर में नजर आता है। मामला नरेंद्रनगर विकासखंड के ब्लॉक मुख्यालय फकोट का है, जो नरेंद्रनगर से करीब 22 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों से जुड़े शिक्षकों का ब्लॉक स्तरीय कार्यालय संचालित होता है।

इस कार्यालय में उप शिक्षा अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक समेत कुल 6 पद स्वीकृत हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन सभी पदों की जिम्मेदारी फिलहाल केवल एक मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुकुल काला संभाल रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, उपखंड शिक्षा अधिकारी का पद जून 2022 से खाली है। प्रशासनिक अधिकारी और कनिष्ठ सहायक को नरेंद्रनगर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच किया गया है। एक कर्मचारी को नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया है, जबकि एक अन्य पिछले तीन महीनों से अनुपस्थित है। इसके अलावा एक पद अभी भी रिक्त है।

ऐसे में पूरे ब्लॉक के 429 शिक्षक-शिक्षिकाओं से जुड़े कार्यों का भार अकेले मुकुल काला पर आ गया है। उन्होंने बताया कि इस स्थिति की जानकारी उच्च अधिकारियों को है, लेकिन लंबे समय से कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। स्टाफ की कमी के कारण शिक्षकों के कई महत्वपूर्ण प्रकरण लंबित पड़े हुए हैं।

उपखंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार 2022 से खंड शिक्षा अधिकारी के पास है, लेकिन उनकी कार्यालय में उपस्थिति भी बेहद सीमित बताई जा रही है। समय पर कार्य न होने के कारण शिक्षकों के काम प्रभावित हो रहे हैं, जिसका असर सीधे पठन-पाठन पर पड़ना स्वाभाविक है।

फिलहाल फकोट स्थित यह ब्लॉक शिक्षा कार्यालय, सरकार के शिक्षा सुधार के दावों पर सवाल खड़े कर रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस अव्यवस्था को कब तक दुरुस्त करता है या फिर हालात यूं ही बने रहते हैं।

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