रुड़की में अवैध खनन का खुला खेल! सोशल मीडिया पर माफिया का ‘शो-ऑफ’, प्रशासन पर उठे सवाल

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हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र में अवैध खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हैरानी की बात यह है कि खनन माफिया अब अपने अवैध कारोबार को छिपाने के बजाय सोशल मीडिया पर खुलेआम दिखा रहे हैं। वायरल हो रहे एक वीडियो में भारी मशीनों के जरिए नदी से रेत निकालते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खनन माफिया के हौसले बुलंद

सूत्रों के अनुसार, यह वीडियो खुद एक खनन माफिया द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड किया गया है। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टरों की मदद से बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन किया जा रहा है

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब जब इसका वीडियो सामने आया है तो मामला और गंभीर हो गया है।

सोलानी नदी में दिन-रात चल रहा खनन

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सालियर साल्हापुर गांव का बताया जा रहा है। यहां सोलानी नदी में दिन-रात अवैध खनन किया जा रहा है।

नदी से निकाली गई रेत को सालियर-मंगलौर बाईपास के आसपास कई जगहों पर स्टॉक किया जा रहा है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी हानि पहुंच रही है।

पुलिस कार्रवाई के बाद भी नहीं थमा अवैध कारोबार

हाल ही में हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने अवैध खनन के मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए इकबालपुर चौकी इंचार्ज समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई थी।

लेकिन इसके बावजूद खनन माफियाओं का बेखौफ अंदाज यह दिखाता है कि उन्हें कानून का डर नहीं है। सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करना इस बात का संकेत है कि वे खुद को सुरक्षित और प्रभावशाली मान रहे हैं।

प्रशासन पर उठ रहे बड़े सवाल

इस पूरे मामले ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद इतना बड़ा अवैध खनन कैसे चल रहा है?

कई लोगों का मानना है कि बिना किसी स्थानीय संरक्षण के इतनी बड़ी गतिविधि संभव नहीं हो सकती।

सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ दावे पर चुनौती

उत्तराखंड सरकार लगातार भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की बात करती रही है। लेकिन रुड़की में सामने आया यह मामला इन दावों को चुनौती देता नजर आ रहा है।

अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह है कि क्या वायरल वीडियो के बाद प्रशासन सख्त कदम उठाएगा और इन माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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