उत्तराखंड में नशा मुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “रन फॉर अवेयरनेस” रैली का शुभारंभ किया। यह रैली हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान से शुरू हुई, जिसमें हजारों की संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, जनप्रतिनिधि और आम नागरिक शामिल हुए।
नशा मुक्ति अभियान को मिला जनसमर्थन
नशा मुक्ति उत्तराखंड अभियान के तहत आयोजित इस रैली का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा।
“यह सिर्फ दौड़ नहीं, एक संकल्प है” – सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह रैली केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, समृद्ध और नशा मुक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे “नशे को ना और जीवन को हां” कहें।
नशे के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई
सीएम धामी ने बताया कि वर्ष 2022 में एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के गठन के बाद से नशे के कारोबारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और कई आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।
युवाओं के लिए विशेष पहल
उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए “दगड़िया क्लब” बनाए गए हैं। इसके साथ ही राज्य में एडिक्शन ट्रीटमेंट फैसिलिटी सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं, ताकि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उचित इलाज मिल सके।
समाज के हर वर्ग की भागीदारी
इस रैली में समाज के हर वर्ग की भागीदारी देखने को मिली, जो यह दर्शाता है कि उत्तराखंड में नशा मुक्ति अभियान को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।


