ऋषिकेश (उत्तराखंड):
उत्तराखंड में डिप्लोमा इंजीनियर्स का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदेशभर में चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज तीसरा दिन है, जिसमें Uttarakhand Diploma Engineers Federation के बैनर तले अभियंता अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।
महासंघ का कहना है कि शासन और सरकार स्तर पर कई बार मांगें उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। इसी के चलते उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
इस आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। पहले चरण में फरवरी महीने के दौरान प्रदेश के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन किए गए, जबकि 23 फरवरी को देहरादून में एक बड़ी रैली आयोजित की गई। इसके बाद दूसरे चरण में 9 मार्च से 20 मार्च तक देहरादून में जनपदवार धरना कार्यक्रम चला।
अब तीसरे चरण के तहत 23 मार्च 2026 से पूरे उत्तराखंड में अनिश्चितकालीन हड़ताल और कार्य बहिष्कार शुरू किया गया है, जो लगातार जारी है।
ऋषिकेश में आयोजित बैठक के दौरान उत्तराखंड जल निगम के प्रांतीय महासचिव EBC Joshi ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने घोषणा की कि 1 अप्रैल से उत्तराखंड जल निगम और अन्य संस्थानों के अभियंता भी इस हड़ताल में शामिल होंगे, जिससे आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
बैठक में शाखा अध्यक्ष राहुल सैनी समेत कई अभियंता मौजूद रहे। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।


