रुड़की में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। Indian Oil Corporation Limited ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत एक विशेष सहायता शिविर का आयोजन किया, जिसमें दिव्यांगों को बैटरी चालित रिक्शा और कृत्रिम अंग वितरित किए गए।
जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में लगा सहायता शिविर
यह विशेष शिविर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Deepak Ramchandra Seth (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) मौजूद रहे।
इस दौरान 80 से अधिक दिव्यांगजनों को बैटरी चालित रिक्शा और लगभग 50 लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम अंग वितरित किए गए। इस सहायता से दिव्यांगजनों को रोज़गार और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा सहारा मिलेगा।
CSR के तहत सराहनीय पहल
कार्यक्रम के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज के कमजोर और दिव्यांग वर्ग की मदद के लिए CSR बजट का इस तरह उपयोग किया जाना बेहद प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसे सहायता शिविरों का दायरा ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जाएगा, ताकि दूर-दराज़ के जरूरतमंद लोगों तक भी इसका लाभ पहुंच सके।
इंडियन ऑयल ने जताई सेवा की प्रतिबद्धता
कार्यक्रम में मौजूद Sharad Agarwal (मुख्य महाप्रबंधक और क्षेत्रीय प्रमुख) ने बताया कि जहां-जहां से इंडियन ऑयल की पाइपलाइन गुजरती है, वहां सूचना मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर ऐसे सहायता शिविर आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों की सेवा करना ही सबसे बड़ी सेवा है, और कंपनी भविष्य में भी समाजहित के ऐसे कार्य जारी रखेगी।
दिव्यांगों के चेहरों पर दिखी खुशी
बैटरी रिक्शा और कृत्रिम अंग मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। इस सहायता से उन्हें न केवल चलने-फिरने में सहूलियत मिलेगी बल्कि रोज़गार के नए अवसर भी मिल सकेंगे।


