स्लग: आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक
रिपोर्टर: सचिन कुमार
देहरादून में प्रदेश के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में आपदा से पहले, दौरान और बाद की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
आपदा प्रबंधन को मॉडल बनाने पर जोर
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया जाना चाहिए। इसके लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
जिला स्तर पर व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
बैठक में मंत्री ने जिला स्तर पर कार्यप्रणाली को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि:
- कम्युनिकेशन सिस्टम बेहतर किया जाए
- सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो
- आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें
ग्राम स्तर तक प्रशिक्षण और उपकरण
मंत्री ने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपदा से संबंधित प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आपदा की स्थिति में समय रहते सूचना दी जा सके।
आपदा मित्र और आपदा सखी बनाने की योजना
उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर “आपदा मित्र” और “आपदा सखी” बनाए जाएं, जिन्हें राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया जाए और आवश्यक उपकरणों के साथ प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
मंत्री ने निर्देश दिए कि:
- आपदाओं के पूर्वानुमान पर बेहतर कार्य किया जाए
- संवेदनशील झीलों के ट्रीटमेंट के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से समन्वय किया जाए
- भू-स्खलन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए
नियमित बैठकों का रोस्टर तैयार
मंत्री ने जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन बैठकों के लिए रोस्टर बनाने के निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं भी इन बैठकों में भाग लेंगे।


