उत्तराखंड के नरेंद्रनगर शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां अधिकांश शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के अंतराल पर की जाती है, वहीं नरेंद्रनगर में यह समय-सीमा 45 दिन तय कर दी गई है।
उत्तराखंड के नरेंद्रनगर शहर में एलपीजी गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां अधिकांश शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के अंतराल पर की जाती है, वहीं नरेंद्रनगर में यह समय-सीमा 45 दिन तय कर दी गई है।
इस व्यवस्था से नाराज गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि नरेंद्रनगर एक ऐतिहासिक और विकसित शहर है, फिर भी इसे ग्रामीण क्षेत्र की श्रेणी में रखकर गैस बुकिंग की समय-सीमा बढ़ा दी गई है, जो पूरी तरह अनुचित है।
गैस किल्लत की खबरों के बीच बढ़ी चिंता
इन दिनों गैस सिलेंडर की संभावित कमी को लेकर उड़ रही खबरों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में 45 दिन की लंबी बुकिंग अवधि उपभोक्ताओं के लिए और भी मुश्किलें खड़ी कर रही है। कई परिवारों का कहना है कि इतने लंबे अंतराल के कारण घरेलू रसोई चलाना कठिन हो जाता है।
उपभोक्ताओं ने उठाई समान व्यवस्था की मांग
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि शहर के अन्य इलाकों में गैस बुकिंग 25वें दिन की जा रही है, तो नरेंद्रनगर में 45 दिन की बाध्यता क्यों रखी गई है। उनका सवाल है कि जब नरेंद्रनगर एक नगर क्षेत्र है, तो इसे ग्रामीण श्रेणी में क्यों शामिल किया गया है।
आंदोलन की चेतावनी
नरेंद्रनगर के गैस उपभोक्ताओं ने प्रशासन और गैस एजेंसियों से मांग की है कि शहर में गैस सिलेंडर की बुकिंग और वितरण प्रक्रिया को शहरी मानकों के अनुसार 25 दिन में किया जाए।
लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग और गैस एजेंसी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही व्यवस्था में सुधार करेंगे, ताकि शहर के लोगों को राहत मिल सके।


