उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित सरकारी अस्पताल में फायर विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस फायर सेफ्टी ऑडिट के दौरान अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्थाओं की कई खामियां सामने आईं, जिससे मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
फायर विभाग ने किया अचानक निरीक्षण
गर्मी का मौसम शुरू होते ही अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में फायर सर्विस ऑफिसर सुनील दत्त तिवारी के नेतृत्व में टीम ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों और पूरे परिसर का निरीक्षण किया।
जांच में सामने आई बड़ी लापरवाही
ऑडिट के दौरान पाया गया कि:
- अस्पताल में अग्निशमन उपकरणों की संख्या मानकों के अनुरूप नहीं है
- संवेदनशील स्थान होने के बावजूद सुरक्षा संसाधन बेहद सीमित हैं
- आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं
यह स्थिति किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका को बढ़ा सकती है।
अस्पताल प्रशासन को जारी किए गए निर्देश
फायर विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं।
एफएसओ सुनील दत्त तिवारी ने बताया कि बढ़ती गर्मी के साथ आग लगने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है, इसलिए अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना बेहद जरूरी है।
जल्द सुधार के निर्देश
फायर विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि:
- अग्निशमन उपकरणों की संख्या बढ़ाई जाए
- सभी सुरक्षा सिस्टम को तुरंत दुरुस्त किया जाए
- आपातकालीन तैयारी को मजबूत किया जाए


