देहरादून में भारत रत्न B. R. Ambedkar की 135वीं जयंती के अवसर पर ‘जय हिंद जय भीम’ सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कांग्रेस के संचार सचिव वैभव वालिया द्वारा किया गया। सम्मेलन में छात्र संगठन National Students’ Union of India (एनएसयूआई) के राष्ट्रीय प्रभारी Kanhaiya Kumar मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
संविधान और लोकतंत्र की रक्षा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा पर विस्तार से चर्चा की। कन्हैया कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि देश की चुनावी और लोकतांत्रिक व्यवस्था संविधान पर आधारित है, इसलिए इसकी सुरक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का सपना एक समान और न्यायपूर्ण समाज का था, जिसे बनाए रखना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उत्तराखंड सरकार पर साधा निशाना
कन्हैया कुमार ने उत्तराखंड सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि राज्य में संविधान विरोधी ताकतें सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के हितों की बजाय अपने करीबी लोगों के हित में कार्य कर रही है।
उनका कहना था कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। यदि सरकारें संविधान की भावना से भटकती हैं, तो लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होती हैं।
युवाओं से एकजुट होने का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में कन्हैया कुमार ने युवाओं से आगे आने और संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का वास्तविक हित तभी सुरक्षित रहेगा, जब युवा सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अंबेडकर जयंती के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ‘जय हिंद जय भीम’ के नारों के साथ संविधान की प्रस्तावना को दोहराया गया।


