रिपोर्टर: आसिफ इक़बाल
रामनगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की। टीम ने अचानक कई स्टेशनरी और बुक सेलर्स की दुकानों पर छापा मारा। इसके साथ ही पीरुमदारा स्थित हिम्मतपुर ब्लॉक के एक निजी स्कूल पर भी जांच की गई। इस कार्रवाई के बाद मनमानी करने वाले दुकानदारों और स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
प्रशासनिक टीम में एसडीएम और खंड शिक्षा अधिकारी खुद मौके पर मौजूद रहे। जांच के दौरान कुल 10 स्टेशनरी दुकानों और बुक सेलर्स को खंगाला गया। जांच में सामने आया कि कई निजी स्कूल अभिभावकों को खास दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे थे।
अभिभावकों ने खोली पोल
मौके पर मौजूद कई अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन उन्हें सीमित दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बना रहा था। प्रशासन ने इसे पूरी तरह गैरकानूनी बताया और साफ कहा कि किसी भी अभिभावक को इस तरह मजबूर नहीं किया जा सकता।
निजी स्कूल पर भी कार्रवाई
टीम ने पीरुमदारा के ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल में भी छापा मारा। शिकायत थी कि स्कूल एनसीईआरटी की किताबें तो बाहर से खरीदने को कहता है, लेकिन प्राइवेट किताबें स्कूल से ही लेने का दबाव बनाता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल अपने संस्थान से किताबें बेचने या किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।
फीस वसूली पर भी सख्ती
एसडीएम ने चेतावनी दी कि अगर कोई स्कूल निर्धारित फीस से अधिक वसूली करता है या एडमिशन के नाम पर दोबारा शुल्क लेता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
शिकायत करने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई भी स्कूल या दुकानदार नियमों का उल्लंघन करता है, तो वे शिकायत करें। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
आगे की कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल और जिलाधिकारी को भेजी जा रही है। संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


