रिपोर्ट: सचिन कुमार
उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सरकार अप्रैल से नई शिक्षा प्रणाली लागू करने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है।
नई शिक्षा व्यवस्था पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार की इस पहल के तहत मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक विषयों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। इससे छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर सहित विभिन्न पेशों में आगे बढ़ सकेंगे।
पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष Shadab Shams ने जानकारी दी कि मदरसों के लिए बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल की समय-सीमा बढ़ा दी गई है।
उन्होंने सभी मदरसों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करें।
- समय पर पंजीकरण न करने वाले मदरसों को आगे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है
- पंजीकरण के आधार पर ही नई व्यवस्था लागू की जाएगी
मदरसा बोर्ड खत्म, नई व्यवस्था लागू
अध्यक्ष ने बताया कि जिस तारीख से मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया है, उसके बाद नई शिक्षा प्रणाली लागू की जा रही है।
उनके अनुसार, इस बदलाव से मुस्लिम समुदाय के बच्चों को शिक्षा का अधिकार मजबूत रूप से मिलेगा और वे देश की मुख्यधारा में शामिल हो सकेंगे।
बच्चों के भविष्य पर सकारात्मक असर
इस पहल को सरकार की बड़ी योजना बताते हुए कहा गया कि:
- बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- समाज में समान अवसर सुनिश्चित होंगे
अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यह कदम न सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकता है।


