रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को 30 दिनों तक रूसी तेल खरीदने की छूट देने के फैसले पर विपक्षी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है।
विपक्ष का कहना है कि रूस पर लगे प्रतिबंधों के बीच इस तरह की छूट देना अमेरिका की विदेश नीति और प्रतिबंधों की सख्ती पर सवाल खड़े करता है। कई नेताओं ने इस फैसले को लेकर प्रशासन से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
वहीं ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह फैसला वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता और सहयोगी देशों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है। उनका कहना है कि मौजूदा वैश्विक हालात में ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस मुद्दे पर अमेरिका में सियासी बहस और तेज हो सकती है, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से ही रूस से ऊर्जा व्यापार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवेदनशील माहौल बना हुआ है।


