गैरसैंण/भराड़ीसैंण: दुर्गेश्वर लाल ने वन विभाग की एक बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल न किए जाने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर होने वाली बैठकों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बेहद जरूरी होती है।
बैठकों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी
पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल का कहना है कि राज्य में होने वाली अधिकांश समीक्षा बैठकों में सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाता है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी कई बैठकों में शामिल होते रहे हैं।
हालांकि, हाल ही में वन्यजीव से जुड़े मुद्दों पर आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया। उनके अनुसार यह विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
क्षेत्र की समस्या पूरे राज्य की समस्या
विधायक ने कहा कि किसी भी विधानसभा क्षेत्र की समस्या केवल उस क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। यह पूरे उत्तराखंड की समस्या होती है। इसलिए इन समस्याओं के समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को बेहतर तरीके से जानते हैं, इसलिए बैठकों में उनकी मौजूदगी से समाधान निकालने में आसानी होती है।
सरकार और विभाग से की अपेक्षा
विधायक ने उम्मीद जताई कि भविष्य में वन विभाग इस तरह की बैठकों में जनप्रतिनिधियों को जरूर आमंत्रित करेगा ताकि क्षेत्रीय समस्याओं पर बेहतर चर्चा और समाधान हो सके।


