ऋषिकेश की तीर्थनगरी में मानवता और साहस का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। त्रिवेणी घाट पर जल पुलिस के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा की तेज धारा में डूब रहे एक बुजुर्ग की जान बचाकर उन्हें नया जीवन दिया।
यह घटना बीते रोज दोपहर करीब 3 बजे की है, जब त्रिवेणी घाट चौकी को सूचना मिली कि एक व्यक्ति गंगा में बह रहा है। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस टीम—हेड कांस्टेबल चैतन्य त्यागी, हेड कांस्टेबल हरीश गुसाईं और गोताखोर विनोद सेमवाल—तुरंत मौके के लिए रवाना हो गए।
मौके पर पहुंचकर टीम ने देखा कि 72 सीढ़ी से लगभग 200 मीटर दूर एक बुजुर्ग तेज बहाव में फंसे हुए हैं और बीच धारा में बहते जा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जवानों ने बिना देर किए गंगा में छलांग लगा दी।
तेज लहरों और जोखिम भरे हालात के बीच जवानों ने बहादुरी का परिचय देते हुए बुजुर्ग तक पहुंच बनाई। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें आवास विकास गली नंबर 4 के पास सुरक्षित पकड़ लिया गया और किनारे तक लाया गया।
बचाव के समय बुजुर्ग बेहोश थे। ऐसे में जवानों ने मौके पर ही सीपीआर देकर उनकी सांसें वापस लौटाईं। इसके बाद तुरंत 108 एम्बुलेंस और उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई, और बुजुर्ग को सरकारी अस्पताल भेजा गया।
पहचान के बाद बुजुर्ग का नाम बचन सिंह नेगी (निवासी: राजीव ग्राम, ढालवाला, मुनि की रेती) बताया गया है।
इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों ने जल पुलिस की तत्परता और बहादुरी की जमकर सराहना की। त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार ने बताया कि समय पर मिली सूचना और टीम की फुर्ती से एक बड़ी जान बचाई जा सकी।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपदा के समय जल पुलिस के जवान किसी देवदूत से कम नहीं होते।


