रूड़की के पास एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां सर्की राजवाहे की पटरी टूटने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल पानी में डूब गई। यह हादसा मंगलौर क्षेत्र के लिब्बरहेड़ी और हरचंदपुर गांवों के बीच हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गेहूं और गन्ने की फसल बर्बाद
पटरी टूटने के बाद तेजी से खेतों में पानी भर गया, जिससे:
- गेहूं की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई
- गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा
किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उन्हें लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई है।
किसानों में आक्रोश, अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप
स्थानीय किसानों ने संबंधित विभाग पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि:
- समय रहते रखरखाव नहीं किया गया
- शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई
- हर साल इसी तरह की समस्या दोहराई जाती है
मुआवजे की उठी मांग
घटना के बाद प्रभावित किसानों ने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द सहायता नहीं मिली, तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी चिंता
अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा मौके का संज्ञान नहीं लेने से किसानों में नाराजगी और बढ़ गई है। किसानों का आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
संकट में अन्नदाता
लगातार हो रहे नुकसान से किसान खुद को लाचार और बेबस महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसी घटनाएं यूं ही होती रहीं, तो वे आर्थिक रूप से टूट जाएंगे और खेती करना मुश्किल हो जाएगा।


