रुड़की के झबरेड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शेरपुर खेलमऊ और सढौली गांव में इन दिनों पशु चिकित्सालय खोलने को लेकर विवाद सामने आया है। गांव में पिछले करीब 20 वर्षों से पशु चिकित्सक की सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
युवक ने लगाए गंभीर आरोप
शेरपुर खेलमऊ निवासी तरुण, जो पशु चिकित्सा का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, ने सढौली गांव के ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया है कि वे गांव में पशु चिकित्सालय खुलने नहीं देना चाहते।
तरुण का कहना है कि उन्होंने चिकित्सालय खोलने के लिए आवेदन किया था, लेकिन ग्राम प्रधान ने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनका आरोप है कि प्रधान किसी अन्य व्यक्ति को इस पद पर लाना चाहते हैं।
उप प्रधान ने किया समर्थन
इस मामले में उप प्रधान ने तरुण का समर्थन करते हुए उनकी एप्लिकेशन को मंजूरी दे दी है। उप प्रधान का कहना है कि गांव में पशु चिकित्सक की सख्त जरूरत है और इस दिशा में जल्द कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने ग्राम प्रधान पर जातिवाद की राजनीति करने का भी आरोप लगाया और कहा कि इससे गांव के विकास पर असर पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान ने दी सफाई
वहीं, ग्राम प्रधान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है। उनका कहना है कि वे पहले यह जानना चाहते हैं कि गांव का पुराना चिकित्सक अब सेवा देना चाहता है या नहीं।
प्रधान के अनुसार, यदि पुराना चिकित्सक काम करने से मना करता है, तो वे तरुण के आवेदन पर हस्ताक्षर कर देंगे।
ग्रामीणों को हो रही परेशानी
गौरतलब है कि सढौली गांव में पिछले कई वर्षों से पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण पशुपालकों को इलाज के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है। इससे समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है।


