ऋषिकेश: शहर के सरकारी अस्पताल में पिछले एक महीने से एंटी-रेबीज इंजेक्शन की कमी ने मरीजों की चिंता बढ़ा दी है। कुत्ते, बिल्ली या बंदर के काटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को बिना इंजेक्शन के ही वापस लौटना पड़ रहा है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
अस्पताल में रोजाना ऐसे कई मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें तत्काल एंटी-रेबीज इंजेक्शन की जरूरत होती है। लेकिन इंजेक्शन उपलब्ध न होने के कारण कुछ मरीज मजबूरी में महंगे दामों पर निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीद रहे हैं, जबकि कई लोग आर्थिक तंगी के चलते बिना इलाज के ही घर लौट रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में हर महीने करीब 500 एंटी-रेबीज इंजेक्शन की खपत होती है। बावजूद इसके, मार्च महीने से अब तक अस्पताल को एक भी नई खेप नहीं मिली है, जिससे स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. आनंद सिंह राणा ने बताया कि इंजेक्शन की आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और पत्राचार भी जारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले कुछ दिनों में अस्पताल को एंटी-रेबीज इंजेक्शन की आपूर्ति हो जाएगी।
इस बीच, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है, ताकि किसी भी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।


