नैनीताल | रिपोर्ट: ललित जोशी
सरोवर नगरी नैनीताल में पुलिस प्रशासन के रवैये से नाराज व्यापारियों ने बुधवार को मल्लीताल कोतवाली का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस बिना किसी स्पष्ट आदेश के उन्हें रात 11 बजे तक दुकानें बंद करने के लिए मजबूर कर रही है, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
व्यापारियों ने पुलिस पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी ने कहा कि पुलिस द्वारा रोज रात 11 बजे दुकानों को बंद कराया जा रहा है। इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, जबकि नैनीताल जैसे पर्यटन स्थल पर दुकानों का देर तक खुला रहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश के अनुसार पर्यटन क्षेत्रों में व्यापारी अपनी इच्छा से 24 घंटे तक दुकानें खोल सकते हैं। इसके बावजूद पुलिसकर्मी देर रात बाजार में पहुंचकर दुकानों को बंद करवा रहे हैं और व्यापारियों के साथ बदसलूकी भी कर रहे हैं।
पर्यटकों को भी हो रही परेशानी
व्यापारियों का कहना है कि रात में दुकानें बंद होने से यहां आने वाले पर्यटकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नैनीताल एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और यहां देर रात तक बाजार खुले रहने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है।
मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
व्यापार मंडल अध्यक्ष किशन सिंह नेगी ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस का यह रवैया जारी रहा तो व्यापारी रोजाना कोतवाली में धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर बाजार बंद करने जैसे कदम उठाने से भी व्यापारी पीछे नहीं हटेंगे।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस टैक्सी चालकों और होटल गाइडों के साथ भी सख्ती और अभद्र व्यवहार कर रही है, जिससे पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
प्रदर्शन में कई व्यापारी रहे मौजूद
कोतवाली घेराव के दौरान व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी और व्यापारी मौजूद रहे। इनमें महिला उपाध्यक्ष भारती कैड़ा, रईस खान, पंकज टंडन, बबली, रुचिर शाह, अतुल शाह, सोनू बिष्ट और दिलशाद सहित दर्जनों व्यापारी शामिल थे।
फिलहाल व्यापारी प्रशासन से जल्द समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं, ताकि बाजार सामान्य तरीके से चल सके और पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो।


