उत्तराखंड के विकासनगर में केवी सोलर एनर्जी को भूमि हस्तांतरण के मुद्दे पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने इस मामले में सरकार से पारदर्शिता और स्थानीय लोगों के पुनर्वास को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रेस वार्ता में उठे बड़े सवाल
डाकपत्थर रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूकेडी नेताओं ने प्रस्तावित रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर कीं।
यूकेडी के संगठन मंत्री गणेश प्रसाद कला ने कहा कि यह प्रोजेक्ट जनहित से जुड़ा हुआ है और सरकार को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।
224 एकड़ में ‘मॉडर्न सिटी’ की योजना
यूकेडी मीडिया प्रभारी हरीश कुनियाल के अनुसार, इस परियोजना के तहत करीब 224 एकड़ सरकारी भूमि पर एक आधुनिक शहर विकसित करने की योजना है, जिसमें शामिल हैं:
- 🏠 रेजिडेंशियल ज़ोन: नई कॉलोनियां और बहुमंजिला भवन
- 🏢 कमर्शियल ज़ोन: शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और ऑफिस स्पेस
- 🏫 इंस्टिट्यूशनल ज़ोन: स्कूल और अस्पताल
- 🌳 अन्य सुविधाएं: होटल, पार्क और कम्युनिटी स्पेस
पुनर्वास को लेकर चिंता
यूकेडी ने सबसे बड़ा सवाल उठाया कि इस योजना में वर्तमान में रह रहे लोगों के पुनर्वास का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है।
इसके अलावा मौजूदा स्कूलों और अस्पतालों के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
स्थानीय निवासियों की अनदेखी का आरोप
पछुआ दून अध्यक्ष जितेंद्र पवार ने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट में निजी कंपनियों की भागीदारी और मुनाफे को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि डाकपत्थर के मूल निवासियों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
आंदोलन की चेतावनी
यूकेडी ने इस मुद्दे को लेकर 30 मार्च को मशाल जुलूस निकालने की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


