देहरादून: आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में देहरादून और ऋषिकेश में व्यापक स्तर पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें आपदा से निपटने की क्षमता और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की परख की गई।
इस अभ्यास के दौरान रिस्पना नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि का सिमुलेशन तैयार किया गया, ताकि बाढ़ जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्यों की प्रभावशीलता जांची जा सके। वहीं, संपेरा बस्ती में लोगों के फंसे होने की काल्पनिक स्थिति बनाकर रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में पुलिस, SDRF और अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। सभी एजेंसियां अलर्ट मोड में नजर आईं और आपसी तालमेल के साथ त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया। इसके अलावा, बिजली लाइन के नदी के संपर्क में आने की स्थिति का भी सिमुलेशन किया गया, जिसमें विद्युत विभाग की तत्परता को परखा गया।
यह ड्रिल देहरादून के सहस्त्रधारा रोड, तपोवन और ऋषिकेश के विभिन्न इलाकों में आयोजित की गई। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देना और जनहानि को न्यूनतम करना है।
चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, ऐसे में प्रशासन कोई भी चूक नहीं छोड़ना चाहता। इस मॉक ड्रिल के जरिए सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।


