उधम सिंह नगर जिले के खटीमा में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और संबंधित विभाग के सचिव को ज्ञापन भेजकर बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
श्रमिकों का आरोप है कि विभाग में पारदर्शिता की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण पात्र श्रमिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।
संघ द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन में 14 प्रमुख मांगों का उल्लेख किया गया है। इनमें सबसे अहम मुद्दा श्रमिक कार्डों के नवीनीकरण और लाभ आवेदनों के सत्यापन में हो रही देरी है। श्रमिकों का कहना है कि उनके आवेदन समय पर सत्यापित नहीं किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
संघ ने मांग की है कि आवेदनों के निस्तारण के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की जाए और इस समय सीमा को रसीद पर भी अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी बन सके।
WFC सेंटर की बदहाली पर सवाल
ज्ञापन में खटीमा के कंजाबाग स्थित WFC सेंटर की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। श्रमिकों के अनुसार, सेंटर पर पेयजल, शौचालय और बैठने तक की कोई उचित व्यवस्था नहीं है।
इसके अलावा, यहां प्रतिदिन केवल 10 आवेदन ही स्वीकार किए जा रहे हैं, जबकि श्रमिकों की मांग है कि इस संख्या को बढ़ाकर 60 से 70 आवेदन प्रतिदिन किया जाए।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि सेंटर को किसी बेहतर और व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, जहां पार्किंग सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हों।
पारिवारिक पात्रता पर भी उठी मांग
संघ ने पारिवारिक पात्रता और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि एक ही परिवार के सगे सदस्य—पिता, पुत्र, पुत्री और पत्नी—को भी श्रमिक कार्ड बनाने की अनुमति दी जाए।
साथ ही, श्रमिक की पात्रता उसके कार्य के आधार पर तय की जानी चाहिए, न कि ठेकेदार के लाइसेंस की अनिवार्यता के आधार पर।
सॉफ्टवेयर समस्या पर चेतावनी
श्रमिकों ने यह भी आरोप लगाया कि विभागीय सॉफ्टवेयर में बार-बार तकनीकी समस्याएं आती हैं और साइट कई बार बंद हो जाती है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।


