मसूरी में रेहड़ी-पटरी व्यापारियों ने अपने हक की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। रेहड़ी पटरी कमजोर वर्ग कल्याण समिति के बैनर तले व्यापारियों ने शहीद भगत सिंह चौक से गांधी चौक तक मशाल जुलूस निकालकर नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
माल रोड पर पटरी लगाने की मांग तेज
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि वे पिछले कई दशकों से माल रोड पर पटरी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते आए हैं। लेकिन करीब 9 महीने पहले नगर पालिका द्वारा लगभग 130 व्यापारियों को वहां से हटा दिया गया, जिससे उनकी रोजी-रोटी छिन गई।
इस मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। पुलिस की मौजूदगी में शांतिपूर्ण तरीके से जुलूस निकाला गया, लेकिन व्यापारियों का गुस्सा साफ देखने को मिला।
“आर-पार की लड़ाई” का ऐलान
पटरी व्यापारी संजय टम्टा ने बताया कि कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष ने बोर्ड बैठक में UR-15 प्रस्ताव लाकर माल रोड पर बेंच लगवा दीं, ताकि पटरी व्यापारी वहां दोबारा व्यापार न कर सकें।
वहीं, व्यापारी रामकिशन राही ने कहा कि पिछले 9 महीनों में उनकी स्थिति बेहद खराब हो गई है।
“हम भुखमरी की कगार पर हैं। किराया और बच्चों की स्कूल फीस तक भरने के पैसे नहीं हैं। अब आंदोलन ही एकमात्र रास्ता बचा है।”
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
व्यापारियों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। मशाल जुलूस के जरिए उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो प्रदर्शन और तेज किया जाएगा।


