रिपोर्टर: संजय कुंवर
नेपाल की बेटी यमुना डकाल इन दिनों विश्व शांति और मानवता का संदेश लेकर एक अनोखी साइकिल यात्रा पर हैं। झापा जिले की रहने वाली यमुना ने अपने वर्ल्ड टूर की शुरुआत भगवान बुद्ध की पावन भूमि लुंबिनी से की थी। उनका यह सफर न सिर्फ साहसिक है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक पहल भी बनता जा रहा है।
भारत के कई प्रमुख शहरों से गुजर चुका है सफर
यमुना अब तक अपने पहले चरण में गोरखपुर, अयोध्या, वृंदावन, मथुरा, दिल्ली, पंजाब, अमृतसर और हरियाणा जैसे प्रमुख स्थानों की यात्रा पूरी कर चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए और अब केदारनाथ धाम की ओर रवाना हो गई हैं।
यात्रा का उद्देश्य क्या है?
यमुना की इस अनोखी साइकिल यात्रा का मुख्य उद्देश्य है:
- विश्व शांति का संदेश फैलाना
- पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना
- स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देना
- नारी सशक्तिकरण को मजबूती देना
यमुना का कहना है कि उन्होंने अपनी यात्रा लुंबिनी से इसलिए शुरू की, क्योंकि भगवान बुद्ध ने पूरी दुनिया को शांति और अहिंसा का मार्ग दिखाया।
वर्ल्ड टूर में आई चुनौतियां
हालांकि, उनके इस वर्ल्ड टूर में कुछ बाधाएं भी सामने आई हैं। ईरान-इराक के बीच चल रहे युद्ध के कारण वीजा मिलने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे उनकी यात्रा की रफ्तार धीमी हो गई है।
यमुना ने बताया कि केदारनाथ दर्शन के बाद वह कुछ समय के लिए नेपाल लौटेंगी और हालात सामान्य होने पर फिर से अपने विश्व भ्रमण को आगे बढ़ाएंगी।
लोगों का मिल रहा है भरपूर समर्थन
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोग यमुना का गर्मजोशी से स्वागत कर रहे हैं। पर्यावरण और शांति के लिए उनके इस प्रयास की हर जगह सराहना हो रही है।
हालांकि पहले भी कई यात्रियों ने पर्यावरण के लिए लंबी यात्राएं की हैं, लेकिन यमुना डकाल का यह प्रयास नारी शक्ति और वैश्विक सौहार्द की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।


