रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
पर्यटन सीजन को देखते हुए मसूरी में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नगर पालिका परिषद ने सख्त कदम उठाए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों को वन-वे जोन के रूप में लागू करने के साथ-साथ नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर भारी जुर्माने का निर्णय लिया गया है।
नगर पालिका परिषद मसूरी में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया कि नो पार्किंग में खड़े चार पहिया वाहनों पर ₹3000 और दोपहिया वाहनों पर ₹2000 का चालान लगाया जाएगा।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी और सभासदों ने भाग लिया। इसमें यह भी तय किया गया कि जिन लोगों के पास खाली भूमि है, वे उसे “पॉकेट पार्किंग” के रूप में उपयोग कर सकते हैं, ताकि शहर में पार्किंग की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सके।
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले सप्ताह लागू की गई वन-वे यातायात व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे जाम की समस्या में काफी कमी आई है।
उन्होंने कहा कि हालांकि रात्रि के समय कुछ चुनौतियां सामने आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, विशेषकर पर्यटन सीजन के दौरान।
गौरव भसीन ने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व में तय किए गए जुर्माने की दरों को यथावत रखा गया है और उन्हें सख्ती से लागू किया जाएगा।
नगर पालिका का यह कदम मसूरी में बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले जाम को नियंत्रित करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है।


