रिपोर्टर: सचिन कुमार
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती दिखाई दे रही है। अब तक लाखों श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं और यात्रा ने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में लगभग 30 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि यात्रा से जुड़े सभी क्षेत्रों—होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवाएं और टूर गाइड—में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
यात्रा प्रबंधन सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रा को सुचारु और व्यवस्थित रूप से संचालित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा बिना किसी बाधा के संपन्न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।
यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
सीएम धामी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। हाल ही में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि रात 10 बजे के बाद यात्रा को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जहां भी यात्री उस समय तक पहुंचेंगे, उन्हें वहीं पर रोककर ठहरने और आराम की उचित व्यवस्था की जाएगी। यह फैसला भूस्खलन और अचानक बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
मौसम और भूस्खलन को देखते हुए सख्त निर्णय
मुख्यमंत्री ने कहा कि कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और मौसम भी अचानक खराब हो जाता है। ऐसे में यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मंदिर समिति और प्रशासन के साथ समन्वय
सरकार ने मंदिर समिति और संबंधित विभागों के साथ मिलकर यात्रियों की सुविधाओं के लिए आवश्यक प्रावधान किए हैं। सीएम ने कहा कि सभी एजेंसियों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।


