रिपोर्ट: सागर रस्तोगी
ऋषिकेश के प्रगतिपुरम स्थित THDC India Limited के शिक्षण संस्थान में अग्नि सुरक्षा को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य छात्रों और स्टाफ को आपात स्थिति में सही प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार करना था।
फायर अधिकारियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में फायर अधिकारी सुनील दत्त तिवारी मौजूद रहे। उन्होंने आग लगने के प्रमुख कारणों और उससे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय शांत रहकर सही निर्णय लेना सबसे जरूरी होता है।
‘एग्जिट प्लान’ और प्राथमिक उपचार पर जोर
छात्रों और कर्मचारियों को भवन से सुरक्षित बाहर निकलने के रास्तों और ‘एग्जिट प्लान’ के महत्व के बारे में बताया गया। इसके साथ ही आग से झुलसने या धुएं के कारण दम घुटने की स्थिति में प्राथमिक उपचार (First Aid) देने के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
मॉक ड्रिल में दिखा उत्साह
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मॉक ड्रिल रही, जिसमें फायर विभाग की टीम ने कृत्रिम आग लगाकर उसे बुझाने का लाइव प्रदर्शन किया।
इस दौरान छात्रों और स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी करते हुए अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करना सीखा।
सुरक्षा ही मुख्य उद्देश्य
संस्थान प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्घटना को रोकना और छात्रों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी को अग्नि सुरक्षा की शपथ भी दिलाई गई।


