जसपुर क्षेत्र में सरकारी सस्ता गल्ला वितरण व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सस्ता गल्ला खाद्यान्न विक्रेताओं ने परिवहन ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि उनकी “ढुलान (परिवहन) धनराशि” जल्द वापस नहीं की गई, तो वे सरकारी राशन उठाने से इनकार कर देंगे। इससे आम जनता को मिलने वाले राशन पर सीधा असर पड़ सकता है।
विक्रेताओं ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
जसपुर के सस्ता गल्ला विक्रेता एकजुट होकर आदर्श राशनिंग वेलफेयर सोसाइटी के बैनर तले सामने आए। संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र चौहान के नेतृत्व में विक्रेताओं ने जिला पूर्ति अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन विपणन अधिकारी/पूर्ति अधिकारी को दिया गया, साथ ही जसपुर एसडीएम को भी मामले से अवगत कराया गया।
ठेकेदार पर धोखाधड़ी का आरोप
संघ के उपाध्यक्ष सुधीर चौहान ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अनुपूरण पोषण योजना और बालिका किशोरी पोषण योजना के तहत खाद्यान्न की डोर-स्टेप डिलीवरी का भाड़ा पहले से ही विक्रेताओं से लिया जाता रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन ठेकेदार ने विक्रेताओं को अंधेरे में रखकर जालसाजी की। ठेकेदार ने दोबारा किराए का बिल बनाकर सभी विक्रेताओं से डिस्पैच पर्चियों पर हस्ताक्षर करा लिए और फरवरी 2026 में जिला पूर्ति कार्यालय से भुगतान भी प्राप्त कर लिया।
विक्रेताओं को हुआ आर्थिक नुकसान
इस कथित गड़बड़ी से सभी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। मामले के सामने आने के बाद विक्रेताओं में भारी रोष है और उन्होंने ठेकेदार से ली गई पूरी धनराशि वापस करने की मांग की है।
राशन वितरण रोकने की चेतावनी
विक्रेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी रकम जल्द वापस नहीं की गई, तो वे सरकारी राशन का उठान बंद कर देंगे। इससे जसपुर क्षेत्र में हजारों उपभोक्ताओं को मिलने वाला सस्ता राशन प्रभावित हो सकता है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
विक्रेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि राशन वितरण व्यवस्था बाधित न हो।


