उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नैनीताल दौरे के दौरान विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम मंदिर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ कार पार्किंग, बाईपास और अन्य निर्माण परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया।
15 जून से पहले पूरा होगा बाईपास निर्माण
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि 15 जून को लगने वाले मेले से पहले कैंची धाम बाईपास का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा। यह बाईपास बनने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
तेजी से चल रहा है निर्माण कार्य
निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि भवाली-सैनिटोरियम से रातीघाट तक करीब 18.15 किमी लंबे बाईपास में से 8 किमी मार्ग तैयार हो चुका है और उस पर यातायात सुचारू है।
शेष मार्ग पर कटिंग और सुरक्षा कार्य तेजी से किए जा रहे हैं, जिससे समय पर परियोजना पूरी की जा सके।
पर्यटन सीजन से पहले यातायात सुचारू करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवाली-रातीघाट बाईपास को पर्यटन सीजन से पहले चालू किया जाए।
जब तक स्थायी पुल का निर्माण पूरा नहीं होता, तब तक अस्थायी व्यवस्था (वैली ब्रिज) बनाकर यातायात सुचारू रखने को कहा गया है।
बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए तैयारी
मुख्य सचिव ने कहा कि नीम करौली बाबा के इस विश्व प्रसिद्ध धाम में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में बेहतर यातायात और सुविधाएं देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पार्किंग और पर्यटन सुविधाओं पर जोर
कैंची धाम क्षेत्र में लगभग 40 करोड़ रुपये से अधिक लागत से बहुमंजिला पार्किंग, मेडिटेशन सेंटर, पैदल पथ और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है।
इसके अलावा स्वदेश दर्शन योजना के तहत आधुनिक फैसिलिटेशन सेंटर भी तैयार किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि:
- पार्किंग में एंट्री और एग्जिट अलग-अलग हो
- श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो
- ट्रैफिक मैनेजमेंट बेहतर किया जाए
पुल निर्माण भी प्रगति पर
बाईपास को मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 74 मीटर स्पान का मोटर पुल भी बनाया जा रहा है। इस पुल के निर्माण से पहाड़ी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
मालरोड में भू-धंसाव रोकने के लिए कार्य जारी
मुख्य सचिव ने नैनीताल के मालरोड क्षेत्र में चल रहे भू-धंसाव रोकथाम कार्यों का भी निरीक्षण किया।
करीब 3.48 करोड़ रुपये की लागत से सड़क को सुरक्षित और मजबूत बनाने का काम किया जा रहा है।
बाबा नीम करौली के दर्शन किए
अपने दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने कैंची धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-शांति की कामना भी की।
क्यों अहम है यह परियोजना?
- कैंची धाम में लगने वाले भारी जाम से राहत मिलेगी
- पर्यटन सीजन में ट्रैफिक बेहतर होगा
- पहाड़ी जिलों के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलेगा
- स्थानीय व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा


