क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा तहसील क्षेत्र से एक बड़ा भूमि विवाद सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हलचल पैदा कर दी है।ग्राम बगुलिया, दमगढ़ा और खाली महुअट में स्थित करीब 125 एकड़ बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस जमीन के मालिक होने का दावा करने वाले कई लोग वर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं।
खेत मालिकों ने क्यों मांगी सुरक्षा?
जमीन के कथित मालिकों — अजय भाटिया, शिवानी सेठ, कबीर भाटिया, मोहिनी भाटिया, सी.के. आनंद और आदर्श भाटिया सहित अन्य लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी और अपनी संपत्ति की सुरक्षा की मांग की है।
उनका कहना है कि वे दिल्ली में रहते हैं, इसलिए जमीन की देखरेख के लिए उन्होंने स्थानीय निवासी कश्मीर सिंह को कानूनी रूप से अपना मुख्तयार खास नियुक्त किया हुआ है।
कश्मीर सिंह इस जमीन पर बटाई के आधार पर खेती कर रहे हैं।
अवैध कब्जे और अनहोनी का डर
भूमि स्वामियों का आरोप है कि उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर कुछ लोग जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर सकते हैं।
साथ ही उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि उनके प्रतिनिधि कश्मीर सिंह के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
इसी को देखते हुए उन्होंने जिला प्रशासन और झनकईया थाना पुलिस से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मामला पहुंचा कोर्ट
इस पूरे विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। कश्मीर सिंह के अधिवक्ता ने मीडिया से बातचीत में कई सवाल खड़े किए और बताया कि:
- मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है
- जमीन के असली मालिक और वसीयत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है
- अंतिम फैसला अब कोर्ट ही करेगा
सबसे बड़ा सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि:
आखिर क्यों भूमि स्वामी खुद ही अपनी खड़ी फसल को जोतकर नष्ट करने के बाद अब उसी प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं?
यह सवाल पूरे मामले को और भी जटिल बना रहा है।


