रुड़की के भगवानपुर क्षेत्र में कथित भू-माफिया और प्रशासन की मिलीभगत का बड़ा मामला सामने आया है। तेलपुरा–बुगावाला मार्ग पर मौजूद एक विशाल फलदार बाग को उजाड़कर लगभग 140 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग किए जाने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि ग्रामीण खुलकर बोलने से भी डर रहे हैं।
रातों-रात गायब हुआ हरा-भरा बाग
ग्रामीणों के मुताबिक, यहां पहले घना फलदार बाग हुआ करता था, जिसे अचानक काट दिया गया। अब उसी जमीन पर जेसीबी से सड़कनुमा रास्ते बनाए जा रहे हैं और प्लॉटिंग का काम तेज़ी से चल रहा है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि बिना किसी वैध नक्शे या मंजूरी के, सिर्फ कागजों पर प्लॉट बनाकर जमीन बेची जा रही है।
“कैमरे पर बोलने से डर लगता है”
गांव के लोग इस पूरे मामले में बेहद डरे हुए हैं। कई ग्रामीणों ने ऑफ कैमरा बताया कि इलाके में दबंगों का खौफ है।
कुछ ने तो यहां तक कहा—
“साहब, माफिया और प्रशासन एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।”
मौके पर निर्माण, अधिकारी बोले—“कुछ नहीं हो रहा”
मौके पर दुकानों का निर्माण भी देखा गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों ने इससे इनकार किया।
स्थानीय प्रशासन और HRDA के अधिकारियों का कहना है कि वहां कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा।
हालांकि, ज़मीनी तस्वीरें और ग्रामीणों के आरोप कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
गार्ड ने कैमरे पर कबूली प्लॉटिंग
जब मीडिया टीम मौके पर पहुंची, तो वहां मौजूद एक गार्ड ने कैमरे पर स्वीकार किया कि जमीन की प्लॉटिंग हो रही है और कई प्लॉट बिक भी चुके हैं।
उसने मालिक से संपर्क करने की सलाह भी दी, जिससे यह साफ होता है कि काम खुलेआम और बिना डर के चल रहा है।
बड़े सवाल
- जब पेड़ों की कटाई हो रही थी, तब प्रशासन और वन विभाग कहाँ था?
- अवैध निर्माण के बावजूद HRDA खामोश क्यों है?
- क्या सरकारी जमीन पर भी कब्जा हुआ है?
HRDA का बयान
मामला सामने आने के बाद HRDA सचिव मनीष सिंह ने कहा कि शिकायत संज्ञान में आ गई है और जांच के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या वाकई भू-माफियाओं पर शिकंजा कसेगा?
क्या उजड़ा हुआ बाग फिर से हरियाली में बदलेगा या यह इलाका अवैध कंक्रीट जंगल बन जाएगा—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।


