उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एलपीजी गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। जिलेभर में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को सक्रिय कर दिया गया है, जो गैस वितरण प्रणाली पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
गैस एजेंसियों पर ताबड़तोड़ निरीक्षण
प्रशासन की टीमों ने शहर की कई गैस एजेंसियों पर अचानक छापेमारी कर आपूर्ति व्यवस्था की गहन जांच की। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर, वितरण प्रक्रिया और उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचने की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिए गए।
कंट्रोल रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
गैस वितरण पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम को पूरी तरह सक्रिय किया गया है। यहां से अधिकारियों द्वारा रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जा सके।
ऋषिकेश में बड़ी कार्रवाई, 135 सिलेंडर बरामद
ऋषिकेश के लक्कड़घाट क्षेत्र में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा किए गए 135 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर बरामद किए हैं। यह सिलेंडर कालाबाजारी के लिए स्टोर किए गए थे।
मुकदमा दर्ज, जांच तेज
अवैध भंडारण के मामले में संबंधित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रशासन ने पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है, ताकि इस तरह की गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।
कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आम लोगों से मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। साथ ही गैस सप्लाई सिस्टम को पूरी तरह दुरुस्त रखने के लिए सभी एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रखने पर फोकस
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखना है, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


