संवाददाता: सचिन कुमार
देहरादून में महंगाई के मुद्दे पर सियासी हलचल तेज हो गई है। हरिश रावत के 15 दिनों के मौन व्रत के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी शुरू हो गई है।
महंगाई के विरोध में मौन व्रत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ 15 दिन का मौन व्रत रखने का संकल्प लिया है। उनका यह कदम सरकार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्री सुबोध उनियाल का तंज
इस बीच सुबोध उनियाल ने हरिश रावत के इस फैसले पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही उन्हें राजनीति से संन्यास लेकर ध्यान और योग की ओर ध्यान देने की सलाह दी थी।
उन्होंने कहा कि,
“लगता है हरिश रावत अब उस सलाह को मानने लगे हैं, जो एक अच्छी पहल है।”
“स्थायी मौन” की सलाह
सुबोध उनियाल ने आगे टिप्पणी करते हुए कहा कि हरिश रावत को अब स्थायी रूप से मौन हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उत्तराखंड की राजनीति में हरिश रावत की प्रासंगिकता अब काफी कम हो चुकी है।
सियासी बयानबाजी तेज
हरिश रावत के मौन व्रत के ऐलान के बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कांग्रेस इसे महंगाई के खिलाफ विरोध बता रही है, वहीं भाजपा नेता इसे राजनीतिक स्टंट करार दे रहे हैं।


