उत्तराखंड के नैनीताल में देर रात से मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज हवाओं के साथ हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरोवर नगरी और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण नाले और गधेरे उफान पर आ गए हैं।
कोहरे से ढकी सरोवर नगरी
भारी बारिश के चलते पूरे शहर में घना कोहरा और बादल छाए हुए हैं, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। हालात ऐसे हैं कि आमने-सामने भी ठीक से दिखाई नहीं दे रहा। इसका असर स्कूलों में भी देखने को मिल रहा है, जहां बच्चों की उपस्थिति काफी कम दर्ज की गई है।
पहाड़ों से गिर रहे पत्थर, रास्ते बाधित
लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में पहाड़ों से पत्थर लुढ़कने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे कई ग्रामीण मार्ग बाधित हो गए हैं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। सड़कों पर पानी बहने से पहले से चल रहे निर्माण कार्य भी प्रभावित हुए हैं।
जलभराव से बढ़ी परेशानी
नालों के बंद होने के कारण बारिश का पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से आए पर्यटक भी खराब मौसम के चलते होटलों में ही रहने को मजबूर हैं।
अप्रैल में महसूस हो रही दिसंबर जैसी ठंड
नैनीताल में ठंड का स्तर इतना बढ़ गया है कि लोग लकड़ी और हीटर का सहारा ले रहे हैं। अप्रैल महीने में दिसंबर जैसी ठंड का अहसास हो रहा है और लोग ठिठुरने को मजबूर हैं।
झील में जा रहा गंदा पानी
बारिश के कारण शहर का गंदा पानी और कूड़ा-करकट झील में जा रहा है, जो पर्यावरण के लिए चिंता का विषय बन गया है।
कुल मिलाकर, मौसम की इस मार ने नैनीताल में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब देखना होगा कि यह खराब मौसम कब तक जारी रहता है।


