रुड़की (मंगलौर): उत्तराखंड के मंगलौर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की शिकार एक बेबस महिला अब इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी उसे फोन कर केस वापस लेने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी ने पुलिस तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हैवानियत की वो खौफनाक रात
पीड़िता, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर (शाहपुर) की रहने वाली है, ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि 28 फरवरी को लंढौरा निवासी नौशाद उसे किसी बहाने से एक कमरे में ले गया। वहां उसे नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया गया।
आरोप है कि नौशाद ने अपने चार साथियों को बुलाकर रात भर महिला के साथ दरिंदगी की और उसकी अश्लील वीडियो भी बना ली। सुबह होते ही आरोपी उसे बेसुध हालत में छोड़कर फरार हो गए।
‘मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा’ – आरोपी की दबंगई और वायरल ऑडियो
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़िता ने मीडिया के सामने एक कॉल रिकॉर्डिंग पेश की। महिला के अनुसार, 5 मार्च को आरोपी नौशाद ने उसे फोन किया और खुलेआम चुनौती दी।
ऑडियो में आरोपी ने कथित तौर पर कहा:
“तुझे जो करना है कर ले, मेरा कुछ नहीं होने वाला। मैंने मंगलौर थाने में एक लाख रुपये देकर पुलिस से सेटिंग कर ली है। पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती।”
पीड़िता का कहना है कि आरोपी इस रिकॉर्डिंग के जरिए उसे मानसिक रूप से तोड़ना चाहता है और यह जताना चाहता है कि कानून उसकी मुट्ठी में है।
“इंसाफ नहीं मिला तो दे दूंगी जान”
एक तरफ दरिंदगी का दंश और दूसरी तरफ सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर महिला ने आत्महत्या की चेतावनी दी है। उसका कहना है कि अगर उसे जल्द न्याय नहीं मिला और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह मौत को गले लगाने के अलावा कोई रास्ता नहीं देखती।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले में जांच की बात कह रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या एक आरोपी के इन दावों की भी निष्पक्ष जांच होगी जिसमें वह पुलिस से ‘सेटिंग’ की बात कर रहा है?
रिपोर्ट:अरशद हुसैन


