रुड़की: उत्तराखंड के रुड़की स्थित पिरान कलियर की बेटी फ़ैरुज़ फ़ातिमा ने अपनी मेहनत और हौसले से वह मुकाम हासिल किया है, जिस पर आज पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। UPSC परीक्षा में 708वीं रैंक हासिल कर IAS बनने के बाद जब वह अपने घर पहुंचीं तो उनका स्वागत किसी त्योहार से कम नहीं था।
घर पहुंचते ही हुआ जोरदार स्वागत
IAS बनने की खबर के बाद जैसे ही फ़ैरुज़ फ़ातिमा पिरान कलियर पहुंचीं, स्थानीय लोगों और क्षेत्रवासियों ने फूल-मालाओं और तालियों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। पूरे इलाके में खुशी का माहौल देखने को मिला। हर कोई उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा था और उन्हें बधाइयां दे रहा था।
पिता ट्रक ड्राइवर, लेकिन सपनों को नहीं रोका
फ़ैरुज़ फ़ातिमा की सफलता के पीछे संघर्ष की एक लंबी कहानी है। उनके पिता इक़बाल अहमद ट्रक ड्राइवर हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी। पिता की मेहनत और भरोसे ने ही फ़ैरुज़ को अपने लक्ष्य तक पहुंचने का हौसला दिया।
तीन बार असफलता, चौथी बार में मिली सफलता
फ़ैरुज़ फ़ातिमा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि इस उपलब्धि से उन्हें बहुत खुशी है, जिसे वह शब्दों में बयान नहीं कर सकतीं। उन्होंने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने लगातार आठ साल तक मेहनत की।
उन्होंने कहा कि UPSC की तैयारी के दौरान उन्हें तीन बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और चौथी कोशिश में सफलता हासिल कर ली।
युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश
फ़ैरुज़ फ़ातिमा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि अगर इंसान पूरे समर्पण और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़े, तो सफलता जरूर मिलती है। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
पूरे पिरान कलियर के लिए गर्व का पल
आज फ़ैरुज़ फ़ातिमा की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे पिरान कलियर और रुड़की क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई है। उनकी यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह नहीं रोक सकते।
संवाद्दाता- अरशद हुसैन


