Wednesday, October 14, 2026
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खटीमा में प्रशासन की अनदेखी पर बुजुर्ग का विरोध तेज, 15 दिन बाद अब आमरण अनशन का ऐलान

रिपोर्ट: सुभाष चंद

खटीमा में एक बुजुर्ग समाजसेवी का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भ्रष्टाचार और भू-माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाने वाले ओमप्रकाश वैश्य पिछले 15 दिनों से तहसील परिसर में धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर उन्होंने अब आमरण अनशन (भूख हड़ताल) शुरू करने का ऐलान कर दिया है।

तहसील परिसर स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर चल रहे इस धरने में ओमप्रकाश वैश्य लगातार अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि उनकी लड़ाई केवल अपनी जमीन के हक की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार और अवैध कब्जों के खिलाफ है।

उन्होंने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि 19 अप्रैल तक उनकी 6 सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे क्रमिक अनशन समाप्त कर आमरण अनशन शुरू कर देंगे।


क्या हैं प्रमुख मांगें?

  • 1966 से लंबित जमीन विवाद का समाधान: पीलीभीत रोड स्थित आहूजा पेट्रोल पंप के सामने नीलाम की गई जमीन पर आज तक कब्जा नहीं मिला। वैश्य की मांग है कि अवैध कब्जा हटाकर उन्हें मालिकाना हक दिया जाए।
  • सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराना: खेतलसंडा खाम क्षेत्र में वर्ग-चार की सरकारी भूमि पर हुए अवैध निर्माण को हटाने की मांग।
  • भू-माफियाओं पर कार्रवाई: शासकीय भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल लोगों और रसूखदारों की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

15 दिनों से जारी इस धरने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न होने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहां बुजुर्ग समाजसेवी अपनी मांगों को लेकर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की निष्क्रियता इस मामले को और गंभीर बना रही है।


आगे क्या?

अब सभी की नजर 19 अप्रैल पर टिकी है। यह देखना अहम होगा कि प्रशासन समय रहते कोई समाधान निकालता है या फिर एक बुजुर्ग को अपनी मांगों के लिए आमरण अनशन का सहारा लेना पड़ेगा।

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