कोटद्वार। धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक श्री विश्वनाथ माँ जगदीशिला डोली यात्रा इस वर्ष भी पूरे भक्ति भाव और उत्साह के साथ कोटद्वार पहुंची। नगर में डोली यात्रा के स्वागत में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
जयकारों से गूंजा पूरा शहर
डोली यात्रा के नगर में प्रवेश करते ही पूरा वातावरण “हर हर महादेव” और माता के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए और भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
मंदिर पहुंचकर किया पूजन-अर्चन
नगर भ्रमण के बाद डोली यात्रा मंदिर प्रांगण पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान भगवान विश्वनाथ एवं माँ माँ जगदीशिला के दर्शन किए।
श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें:
- गणेश गोदियाल
- सुरेन्द्र सिंह नेगी
शामिल रहे।
सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है यात्रा
पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि यह डोली यात्रा हमारी आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक है, जिसे वर्षों से भव्यता के साथ आयोजित किया जा रहा है।
श्रद्धालुओं ने मांगा आशीर्वाद
डोली के विश्राम के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान से क्षेत्र के विकास, जनकल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की।
श्री विश्वनाथ माँ जगदीशिला डोली यात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और आस्था का जीवंत उदाहरण है, जो हर वर्ष लोगों को एकजुट करता है।


