देहरादून: ओबीसी आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को लेकर उत्तराखण्ड क्रांति दल (उक्रांद) ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने कहा है कि अगर ओबीसी समाज की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आंदोलन भी किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में उठाए कई अहम मुद्दे
देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में उक्रांद के ओबीसी प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. पंकज पैन्यूली ने सरकार की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में कई जातियों को राज्य सरकार ने ओबीसी का दर्जा तो दिया है, लेकिन केंद्र सरकार की सूची में उनका नाम शामिल नहीं है।
उनका कहना है कि इससे युवाओं को बड़ी परेशानी होती है। राज्य स्तर की भर्तियों में उन्हें ओबीसी का लाभ मिल जाता है, लेकिन जब वे केंद्रीय परीक्षाओं या संस्थानों में आवेदन करते हैं तो उन्हें सामान्य वर्ग में गिना जाता है।
बैकलॉग पदों पर सरकार से जवाब मांगा
उक्रांद ने सरकारी विभागों में ओबीसी वर्ग के खाली पड़े बैकलॉग पदों का मुद्दा भी उठाया। पार्टी की मांग है कि सरकार इस संबंध में श्वेत पत्र जारी करे और बताए कि किस विभाग में कितने पद खाली हैं।
साथ ही यह भी मांग की गई कि इन पदों को भरने के लिए छह महीने के भीतर विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो होगा जनआंदोलन
पार्टी ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने जल्द इन मांगों पर कदम नहीं उठाया तो उक्रांद प्रदेशभर में जनजागरण अभियान शुरू करेगी। इसके जरिए ओबीसी समाज को संगठित किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर उतरकर आंदोलन भी किया जाएगा।
उक्रांद का कहना है कि ओबीसी समाज के अधिकारों और अवसरों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस और स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।


