रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून: देहरादून नगर निगम ने शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण (Dog Registration) और आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर नियंत्रण को लेकर महत्वपूर्ण उपलब्धि का दावा किया है। नगर निगम के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वी.के. अग्रवाल के अनुसार, निगम की ओर से चलाए गए जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी के कारण डॉग रजिस्ट्रेशन में पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
डॉग रजिस्ट्रेशन में रिकॉर्ड वृद्धि
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च से मई के बीच केवल 400 पालतू कुत्तों का पंजीकरण हुआ था। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 1,072 पहुंच गई है।
नगर निगम का कहना है कि यह वृद्धि नागरिकों में बढ़ती जागरूकता और प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष अभियान का सकारात्मक परिणाम है।
ABC और ARV अभियान से मिले बेहतर परिणाम
नगर निगम द्वारा संचालित एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) और एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (ARV) कार्यक्रम के तहत शहर के आवारा कुत्तों की करीब 90 प्रतिशत नसबंदी और टीकाकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है।
नगर निगम का दावा है कि इस अभियान से आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित होने के साथ-साथ रेबीज के खतरे में भी कमी आई है। साथ ही भविष्य में आवारा कुत्तों की आबादी बढ़ने की रफ्तार भी कम होने की उम्मीद है।
डॉग बाइट के मामलों में आई गिरावट
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वी.के. अग्रवाल ने बताया कि पहले शहर में पालतू कुत्तों के काटने की 10 से 12 शिकायतें प्रतिदिन दर्ज होती थीं। अब यह संख्या घटकर 2 से 3 शिकायतें प्रतिदिन रह गई है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य शहर की सड़कों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाना है, ताकि नागरिकों को आवारा कुत्तों की समस्या से राहत मिल सके।
नगर निगम की आगे की योजना
नगर निगम का कहना है कि आने वाले समय में डॉग रजिस्ट्रेशन अभियान को और तेज किया जाएगा। साथ ही ABC और ARV कार्यक्रम को लगातार जारी रखते हुए आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।



