SIR प्रक्रिया को लेकर फैली भ्रांतियों पर बोले जोत सिंह बिष्ट, कहा- यह नियमित चुनावी व्यवस्था का हिस्सा

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रिपोर्ट: सचिन कुमार

उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर आम जनता के बीच कई तरह की भ्रांतियां देखने को मिल रही हैं। इन आशंकाओं को दूर करते हुए उत्तराखंड ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और चुनाव आयोग के निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि भारत में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण कोई असाधारण कदम नहीं है। पहले आम चुनाव से पहले भी इस तरह का व्यापक सत्यापन किया गया था और समय-समय पर मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती रही है।

बिष्ट ने बताया कि वर्तमान अभियान का मुख्य उद्देश्य उन नामों को हटाना है जो अब संबंधित क्षेत्र में निवास नहीं करते, किसी अन्य स्थान पर मतदाता बन चुके हैं, या जिनका निधन हो चुका है। इससे मतदाता सूची अधिक सटीक और विश्वसनीय बनेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि बूथ लेवल अधिकारी प्रत्येक घर तक पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। जहां व्यक्तिगत संपर्क संभव नहीं है, वहां फोन के माध्यम से जानकारी ली जा रही है ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से न हटे।

उन्होंने कहा कि साफ और त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतंत्र को मजबूत बनाने का आधार है। इसलिए नागरिकों को सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग देना चाहिए और किसी भी तरह की गलत जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।

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