रिपोर्ट: सचिन कुमार
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही देहरादून जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित आपदाओं, जलभराव और भूस्खलन जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि आम जनता की सुरक्षा और निर्बाध जनजीवन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि मानसून को लेकर जिला प्रशासन की कई समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। इन बैठकों में विशेष रूप से सड़कों को सुरक्षित रखने, बंद मार्गों को जल्द खोलने और आवागमन को सुचारु बनाए रखने की रणनीति तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में पहले से ही जेसीबी मशीनें और आवश्यक संसाधन तैनात कर दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर क्षेत्र में नालों की सफाई का कार्य भी तेज़ी से पूरा किया गया है। डीएम के अनुसार, कुल 169 नालों में से अधिकांश की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि शहर के प्रमुख चोकिंग पॉइंट्स को भी साफ कर जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रेमनगर के पास नवनिर्मित पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिसे जल्द ही यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके साथ ही स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी जिला प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर लगातार निगरानी की जा रही है।
डीएम ने नागरिकों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।



