Thursday, October 15, 2026
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मसूरी में तृतीय रामनाथ सिंह पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का आगाज़

रिपोर्ट: धर्मेंद्र सिंह

मसूरी के सर्वे मैदान में आयोजित तृतीय स्वर्गीय रामनाथ सिंह पवार स्मृति फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ उत्तराखंड कांग्रेस पीसीसी सदस्य उपेंद्र थापली ने किया। प्रतियोगिता में 17 वर्ष से कम आयु वर्ग के करीब 350 से 400 बालक और बालिकाएं हिस्सा ले रहे हैं। मसूरी के अलावा आसपास के विभिन्न क्षेत्रों से भी युवा खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे हैं।

इस प्रतियोगिता की खास बात यह है कि बालिका वर्ग की फुटबॉल प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं, जिससे खेल के प्रति बेटियों का बढ़ता उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। आयोजन स्थल पर खिलाड़ियों और अभिभावकों में भी काफी जोश देखने को मिला।

खेल मैदान की कमी के बावजूद बच्चों का उत्साह बरकरार

मसूरी लंबे समय से खेल मैदान की कमी की समस्या से जूझ रहा है। स्थानीय खेल प्रेमी वर्षों से एक स्थायी और आधुनिक खेल मैदान की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। वर्तमान में भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) का मैदान ही खिलाड़ियों के अभ्यास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। सीमित संसाधनों के बावजूद युवा खिलाड़ियों का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।

फुटबॉल अकादमी से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे खिलाड़ी

प्रतियोगिता के आयोजक प्रिंस पवार ने बताया कि उनकी ओर से संचालित फुटबॉल अकादमी में मसूरी के छोटे बच्चों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि अकादमी से प्रशिक्षण प्राप्त कर कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुके हैं।

प्रिंस पवार ने माना कि खेल मैदानों की कमी खिलाड़ियों के विकास में बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके बावजूद अकादमी में सैकड़ों बच्चे लगातार प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में यही खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मसूरी का नाम रोशन करेंगे।

खेल से नशे से दूरी और बेहतर भविष्य

मुख्य अतिथि उपेंद्र थापली ने कहा कि इस तरह की खेल प्रतियोगिताएं बच्चों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है।

उन्होंने आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार और समाज को मिलकर खेल सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान देना चाहिए, ताकि पहाड़ के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकें।

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