रिपोर्टर: अरशद हुसैन
रुड़की के नगला इमरती गांव में हाईवे के निकट करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर कथित अवैध कब्जों के विरोध में सूरज सेवा दल ने जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष रमेश जोशी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए भूमि माफियाओं पर कार्रवाई की मांग उठाई।
धरने के दौरान सूरज सेवा दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और भूमि संबंधी मामलों में चकबंदी विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से भूमि कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रमेश जोशी ने कहा कि संगठन इस मामले को लेकर गंभीर है और प्रशासन के सामने ही चकबंदी विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगना चाहता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि भूमि कब्जों और कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर रोक नहीं लग पा रही है।
धरने के दौरान जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि होती है तो संबंधित भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त किया, हालांकि सूरज सेवा दल ने स्पष्ट किया कि यदि समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आगे भी आंदोलन जारी रखेगा।



