Wednesday, October 14, 2026
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टिहरी में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर कार्यशाला, मंत्री मदन कौशिक ने तैयारियों की सराहना…

मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से नई टिहरी स्थित क्रीड़ा सभागार में जनपद स्तरीय “आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction)” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उत्तराखंड सरकार के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के सचिव विनोद कुमार सुमन मुख्य रूप से मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखंड ने पिछले 25 वर्षों में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्य करना ही नहीं, बल्कि आपदा जोखिम को पहले से कम करने और लोगों को जागरूक बनाने पर भी विशेष जोर देना है। उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।

इस दौरान जिलाधिकारी टिहरी नितिका खण्डेलवाल ने जनपद में मानसून और संभावित आपदाओं को देखते हुए की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में सड़कों को शीघ्र खोलने और आपात स्थिति से निपटने के लिए जेसीबी मशीनों की जीपीएस आधारित तैनाती की गई है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उनकी लोकेशन ट्रैक कर कार्रवाई की जा सके।

जिलाधिकारी ने बताया कि एसडीआरएफ की टीमों को गंगा नदी से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों देवप्रयाग और कीर्तिनगर में पहले से तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा, किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में तीन माह का आवश्यक राशन पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि टिहरी बांध की सुरक्षा और उससे जुड़े आपदा प्रबंधन को लेकर अलग से समीक्षा बैठक आयोजित की जा चुकी है। संबंधित सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया और जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने कहा कि समय पर तैयारी और समन्वित प्रयासों से आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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