संवाददाता: सागर रस्तोगी
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में ऋषिकेश स्थित चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विकास अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और यात्रा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
- अस्थायी और स्थायी ढांचों का निर्माण समय पर पूरा करने के निर्देश
- यात्रा मार्ग और ट्रांजिट कैंप में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था
- पर्याप्त शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर
पंजीकरण और यातायात व्यवस्था होगी बेहतर
श्रद्धालुओं को पंजीकरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए:
- पंजीकरण काउंटरों की संख्या बढ़ाने पर विचार
- कार्यप्रणाली को अधिक सुगम बनाने के निर्देश
यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए:
- पार्किंग स्थलों का चिन्हीकरण
- जगह-जगह सूचना बोर्ड और होर्डिंग्स लगाने के निर्देश
ईंधन और गैस को लेकर अफवाहों पर प्रशासन सख्त
क्षेत्र में एलपीजी और पेट्रोल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रशासन ने साफ किया कि ईंधन की कोई कमी नहीं है।
- घरेलू गैस की होम डिलीवरी की व्यवस्था
- शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के भीतर आपूर्ति
- जमाखोरी रोकने के लिए ऋषिकेश और देहरादून में QRT टीमें तैनात
होटल और रेस्टोरेंट के लिए सख्त गाइडलाइन
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर खान-पान और ठहरने की सुविधा देने के लिए:
- होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे
- नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन का लक्ष्य
विकास अधिकारी ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष की चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और यादगार बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।


