कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा कदम
सितारगंज सिडकुल स्थित पॉलिटेक्निकल कॉलेज टेसा कारपेंटर एकैडमी ने एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर, सितारगंज के सहयोग से अपना तीसरा दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया। यह कार्यक्रम युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
30 विद्यार्थियों का 100% प्लेसमेंट
इस दीक्षांत समारोह की सबसे बड़ी खासियत रही कि प्रशिक्षण प्राप्त सभी 30 विद्यार्थियों का 100 प्रतिशत प्लेसमेंट सुनिश्चित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को पूरी तरह उद्योग आधारित और व्यवहारिक कौशल सिखाया गया, जिससे उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिले।
इन छात्रों को नीलकमल, क्रिएटिव कॉन्सेप्ट्स और ओपल डिजाइनर जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में नियुक्ति मिली, जो इस कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।
उद्योग और प्रशिक्षण के तालमेल का परिणाम
कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई और टेसा प्रबंधन ने कहा कि यह पहल युवाओं को रोजगार से जोड़ने की उनकी मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि यदि प्रशिक्षण उद्योग की जरूरतों के अनुसार दिया जाए, तो रोजगार के अवसर स्वतः ही बनते हैं।
सीएसआर हेड का बयान
सीएसआर हेड अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा,
“हमारा उद्देश्य युवाओं को ऐसा कौशल देना है, जो सीधे रोजगार से जुड़ा हो। सभी प्रशिक्षुओं का चयन इस बात का प्रमाण है कि उद्योग और प्रशिक्षण के बीच बेहतर तालमेल से उत्कृष्ट परिणाम मिलते हैं।”
प्रबंधन और टीम का योगदान
इस कार्यक्रम का आयोजन टॉप मैनेजमेंट के मार्गदर्शन में हुआ, जिसमें
- चेयरमैन के. अग्रवाल
- विमल जैन
- एमडी अजय अग्रवाल
- विवेक जैन
का विशेष योगदान रहा। वहीं प्लांट हेड ए.के. सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सीएसआर टीम के सदस्य—
के. पांडे, ऋषभ जैन, उमेश त्यागी, डॉ. जितेंद्र राहुल और अभिषेक श्रीवास्तव—का अहम योगदान रहा।
साथ ही एचओ टीम के आलोक आनंद और मनीष कुमार ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई।
प्रमाण पत्र वितरण और सम्मान
समारोह के अंत में सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में
- अभिषेक श्रीवास्तव (सीएसआर हेड)
- जितेंद्र सिंह (प्लांट हेड, नीलकमल)
- अंकुश प्रभु (क्रिएटिव कॉन्सेप्ट्स)
- हारून राशीद पिंजर (ओपल डिजाइनर)
सहित कॉलेज के शिक्षक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


