पौड़ी गढ़वाल में लगातार बढ़ रहे गुलदार हमलों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सड़क पर दिखाई देने लगा है। खंडाह क्षेत्र में ग्रामीणों ने श्रीनगर–पौड़ी राष्ट्रीय मार्ग पर जाम लगाकर वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे हमलों के बावजूद वन विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, जबकि गांवों में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।
ताजा मामला औणी गांव का है, जहां देर शाम एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। महिला के पति ने साहस का परिचय देते हुए पत्थर मारकर गुलदार को वहां से भगाया और अपनी पत्नी की जान बचाई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि “गुलदार आतंक” को आपदा घोषित किया जाए। साथ ही प्रभावित गांवों में पिंजरे लगाए जाएं, रात्रि गश्त बढ़ाई जाए और आदमखोर गुलदार को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
मौके पर एसडीएम नूपुर वर्मा, डीएफओ महातिम यादव, पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौजूद रहीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में शूटरों की तैनाती की जाएगी और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।
लगातार बढ़ रही गुलदार की घटनाओं ने पहाड़ी गांवों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं और बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।


