रिपोर्ट: सुभाष चंद
भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर बनबसा क्षेत्र में पशुओं की अवैध तस्करी का धंधा तेजी से फैल रहा है। हैरानी की बात यह है कि सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के बावजूद तस्कर बेखौफ होकर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, टनकपुर से लेकर धनुष पुल और वहां से मेलघाट तक का इलाका तस्करी का सुरक्षित गलियारा बन चुका है। सीमा पर तैनात सुरक्षा चौकियां इस पूरे मामले में मूकदर्शक नजर आ रही हैं।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद तस्कर आखिर कैसे जानवरों की खेप सीमा पार करा लेते हैं? क्या इन तस्करों को कानून का डर नहीं है, या फिर इन्हें किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेखा यादव (एसपी चंपावत) ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात SSB और स्थानीय पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। साथ ही इस अवैध धंधे पर अंकुश लगाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।
एसपी ने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी


