रिपोर्टर: धर्मेंद्र सिंह
लोकेशन: मसूरी, उत्तराखंड
पर्यटन नगरी मसूरी में वीकेंड के दौरान भारी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से शहर में भीषण जाम की स्थिति बन गई। हालात ऐसे रहे कि प्रमुख मार्गों पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिससे स्थानीय लोगों और सैलानियों दोनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
4 किलोमीटर लंबा जाम, यातायात व्यवस्था चरमराई
सबसे ज्यादा असर मसूरी-देहरादून मार्ग पर देखने को मिला, जहां शिव मंदिर के पास वैली ब्रिज के निकट करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान कई वाहन घंटों तक फंसे रहे, जिससे लोगों का समय और धैर्य दोनों की परीक्षा हो गई।
शहर के प्रमुख इलाकों में दिनभर जाम
जाम की समस्या सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं रही।
इन इलाकों में भी दिनभर यातायात प्रभावित रहा:
- लैंडौर बाजार
- लाइब्रेरी चौक
- पिक्चर पैलेस
- कंपनी गार्डन
- मोतीलाल नेहरू मार्ग
- केंपटी फॉल क्षेत्र
ऐतिहासिक लैंडौर बाजार में तो हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।
पुलिस की कमी और पार्किंग संकट बना मुख्य कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम के पीछे कई प्रमुख कारण हैं:
- सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहन
- पर्याप्त पार्किंग स्थलों की कमी
- चौक-चौराहों पर पुलिस बल की कमी
पहले से ही स्टाफ की कमी से जूझ रही मसूरी कोतवाली के लिए जाम नियंत्रित करना बड़ी चुनौती बन गया है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी, प्रशासन पर सवाल
लैंडौर बाजार निवासी तनमीत सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि:
“अभी तो पर्यटन सीजन भी शुरू नहीं हुआ है और जाम लगना शुरू हो गया है। चार दुकान क्षेत्र में वाहनों की भीड़ से हालात बदतर हो रहे हैं।”
वहीं स्थानीय निवासी मनोज अग्रवाल ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा:
“पूरा शहर जाम से जूझ रहा है। अगर अभी से तैयारी नहीं की गई तो सीजन में स्थिति विस्फोटक हो सकती है।”
पर्यटन पर पड़ सकता है असर
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मसूरी आने वाले पर्यटक अन्य हिल स्टेशनों की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे शहर की पर्यटन अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन से क्या है मांग?
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि:
- ट्रैफिक मैनेजमेंट की ठोस रणनीति बनाई जाए
- पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किया जाए
- पुलिस बल की संख्या बढ़ाई जाए
- प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक नियंत्रण सख्त किया जाए


